UPSC: UPSC हिंदी मीडियम में बने टॉपर, जानें किसान के बेटे की प्रेरणादायक कहानी

रवि एक किसान के बेटे है जो की राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में रहते है। रवि नें  4 बार युपीएससी की परिक्षा दी थी जिसमे वे 3 बार पास हो गए थे और चौथी बार रवि ने हिंदी मीडियम से ये परिक्षा पास की और IAS बन गए। 
 
ravi kumar suhag

Newz Fast, Success Story: IAS ऑफिसर रवि सिहाग की कहानी आपके लिए काफी फ्रेरणादायक हो सकती है। रवि एक किसान के बेटे है। रवि अपने पापा के साथ राजस्थान में श्रीगंगा नगर जिले मे रहते है। 

जब तक रवि ग्रेजुएट पास नही हुए थे तब तक वे अपने पापा के साथखेतों के का काज में ही उनकी मदद करते रहते थे। जब रवि ने युपीएससी की परिक्षा पास की है तब उनके माता-पिता की खुशी का ठिकाना नही रहा था। 

यूपीएससी परीक्षा के लिए दिए चार अटेम्प्ट

Ravi Kumar Sihag ने हिंदी माध्यम से परीक्षा पास की। उन्होंने यूपीएससी परीक्षा के लिए चार प्रयास किए, जिनमें से उन्होंने तीन में सफलता प्राप्त की।

2018 में, पहले प्रयास में सिहाग को 337वां रैंक और भारतीय रक्षा लेखा सेवा कैडर मिला। 2019 में, दूसरे प्रयास में वह 317 वीं रैंक और भारतीय रेलवे यातायात सेवा कैडर प्राप्त करने में सफल रहे।

साल 2020 में तीसरे प्रयास में रवि यूपीएससी की परीक्षा भी पास नहीं कर पाए थे। उसके बाद 2021 में किसान के बेटे ने 18वीं रैंक हासिल की और आईएएस अफसर बन गए।

चौथी बार में हिंदी मीडियम से किया टॉप

दिलचस्प बात यह है कि शुरुआती 17 रैंक वाले उम्मीदवार अंग्रेजी माध्यम से थे और 18वीं रैंक हासिल करने वाले रवि हिंदी माध्यम के उम्मीदवार थे। इसने उन्हें UPSC CSE 2021 में हिंदी माध्यम का टॉपर बना दिया। 

2 नवंबर 1995 को जन्मे रवि के पिता रामकुमार सिहाग एक किसान हैं और उनकी मां विमला देवी एक गृहिणी हैं। वह तीन बहनों में इकलौता भाई है। 

उत्तर प्रदेश के यक्ष चौधरी ने भी अखिल भारतीय रैंक 6 हासिल करते हुए यूपीएससी सीएसई 2022 पास किया। उन्होंने सरकारी छात्रवृत्ति की मदद से अपनी पढ़ाई पूरी की।