Success Story: कौन है यूपी की पहली महिला IAS, गैर हिंदी भाषी राज्य से रखती है ताल्लुक

आईएएस रोशन जैबक यूपी की पहली महिला आईएएस ऑफिसर है। रोशन एक गैर हिंदी भाषी राज्य से सबंध रखती है। लेकिन फिर भी 16 साल तक देश के लिए सेवा करती रही। रोशन कविता लिखने का शौंक भी रखती है। 
 
ias roshan jackab

Newz Fast, Success Story: IAS बनने के लिए हर कैंडिडेट अपनी एर अलग स्ट्रेटजी अपनाता है। अपने पुलिस बनने के सपने को पूरा करने के लिए वे बेहद मेहनत करते है। 

आज की आईएएस की स्टोरी बेहद ही अनोखी है। आज हम जिस महिला अफसर के बारें में बाद करने जा रहे है वे गैर हिंदी भाषी होते हुए भी आईएएस ऑफिसर बन गई। 

और 16 साल से देश की सेवा में अपना योगदान दे रही है। वे डीएम के अलावा भी कई पदों पर रहकर काम कर चुकी है। रोशन जैकब का जन्म केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में हुआ था।

वह अपने माता-पिता की अकेली संतान हैं। जैकब की शुरुआती पढ़ाई तिरुवनंतपुरम के सर्वोदय विद्यालय में हुई थी। इसके बाद उन्होंने गवर्मेंट कॉलेज फॉर वीमेन से बैचलर की डिग्री ली। 

केरल में जन्मी जैकब गैर हिंदी भाषी राज्य से ताल्लुक रखती हैं। बावजूद उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में आकर उन्होंने बेहतरीन लोक सेवक की भूमिका अदा की है। 

इस दौरान उन्होंने कई ऐसे प्रशासनिक काम किए जिसके लिए उन्हें समय समय पर सराहना मिलती रही है। आईएएस रोशन जैकब ने आईएएस रहते हुए ही अपनी पीएचडी पूरी की। 

रोशन को कविता लिखने का भी शौक है। उनके अंग्रेजी में काव्य संग्रह – ए हैंडफुल ऑफ स्टारडस्ट का विमोचन साल 2012 में कांग्रेस नेता शशि थरूर ने किया था।

बनीं थी पहली महिला अफसर

रोशन जैकर यूपी माइनिंग डिपार्टमेंट की पहली महिला डायरेक्टर बनी थीं। साथ ही उनकी निगरानी में लॉकडाउन के दौरान राज्य में माइनिंग का काम शुरू करने वाला यूपी देश का पहला राज्य बना था। 

साल 2013 में गोंडा जिले में एलपीजी वितरण के काम को सुचारु रूप से करने के लिए रोशन जैकब का नाम पहले लिया जाता है।  

रोशन जैकब की फैमिली

रोशन जैकब के पिटी केरल सरकार में कर्मचारी थे और उनकी मां एलेयाम्मा वर्गीज भी राज्य सरकार की कर्मचारी थीं। रोशन जैकब ने अपने बैचमेट IFS officer डॉक्टर अरिंदम भट्टाचार्य से शादी की है। इनकी दो संताने भी हैं। एक बेटा और एक बेटी है।