Success Story: सेल्फ स्टडी के बलबूते पास किया UPSC Exam, जानें इस IAS की लाइफ स्टोरी

UPSC  की परिक्षा पास करना आसान नही होता। इसके लिए बेहद मेहनत  लगती है। हर साल लाखों लोग इस परिक्षा की तैयारी करते है, लेकिन इसे पास केवल कुछ ही लोग कर पाते है। IAS Himanshu Nagpal की Success Story सबके लिए एक मिसाल बन चुकी है।
 
ias himanshu nagpal

Newz Fast, Success Story: संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सर्विस परीक्षा पूरे भारत की सबसे मुश्किल परिक्षा मानी जाती है। जो उम्मीदवार इस परिक्षा में पास हो जाते है उन्हे उनके रैंक और प्रिफरेंस के आधार पर IAS, IRS, IFS के पद पर नियुक्त किया जाता है।

कुछ उम्मीदवारों का ये मानना है कि अगर उन्हे इस परिक्षा में पास होना है तो उन्हे इसके लिए english medium से पढ़ना जरुरी है लेकिन IAS Himanshu Nagpal ने हिंदी मीडियम से अपना स्कूल पास करते हुए भी इस परिक्षा को पास कर दिखाया और इसके साथ ही एक अच्छी रैंक भी हासिल की। 

आईएएस हिमांशु नागपाल हरियाणा राज्य के हिसार जिले में स्थित हांसी के रहने वाले हैं। उनका जन्म 12 अगस्त 1996 को हुआ था। वह साधारण पृष्ठभूमि वाले परिवार से ताल्लुक रखते हैं। 

अंग्रेजी भाषा पर मजबूत पकड़ न होने के बावजूद उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में यूपीएससी परीक्षा क्लियर कर ली थी। जो उम्मीदवार हिंदी भाषा को अपनी सफलता का रोड़ा मानते हैं,

उनके लिए हिमांशु की लाइफ स्टोरी किसी प्रेरणा से कम नहीं है। हिमांशु नागपाल ने कक्षा 5वीं तक की पढ़ाई सरकारी स्कूल से की है। इसके बाद उनका एडमिशन प्राइवेट स्कूल में करवाया गया था। 

उन्होंने 12वीं तक Hindi Medium से पढ़ाई की है। हिमांशु ने 10वीं में 80% और 12वीं में 97% मार्क्स हासिल किए थे। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के Hansraj College, DU से बीकॉम ऑनर्स किया है।

हंसराज कॉलेज में एडमिशन के वक्त हिमांशु नागपाल के पिता उन्हें छोड़ने आए थे। तब बुलेटिन बोर्ड पर टॉपर्स का नाम देखकर उन्होंने कभी हिमांशु का नाम वहां देखने की इच्छा जताई थी। 

इसके कुछ समय बाद ही हिमांशु ने अपने पिता को एक एक्सीडेंट में खो दिया था। पिता की मौत के कुछ महीनों बाद हिमांशु के बड़े भाई की भी अचानक मौत हो गई थी। 

इन दो हादसों के बाद वह टूट गए थे। लेकिन अपनी मां और चाचा के सपोर्ट से उन्होंने पढ़ाई जारी रखी। इन दो हादसों के अलावा भी हिमांशु नागपाल को कॉलेज में कई परेशानियों का सामना करना पड़ा। 

दरअसल, उन्होंने शुरू से Hindi Medium में पढ़ाई की थी, जबकि कॉलेज पूरी तरह से English Medium था। उन्हें कॉलेज में किसी से भी बातचीत करने में झिझक महसूस होती थी। 

कई बार क्लास के दौरान भी उनका मज़ाक उड़ाया गया। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और UPSC Exam के बारे में जानकारी जुटानी शुरू कर दी।

आईएएस परीक्षा पास करने के लिए हिमांशु नागपाल ने किसी कोचिंग का सहारा नहीं लिया था। उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में सिर्फ सेल्फ स्टडी के बलबूते मात्र 22 वर्ष की उम्र में यूपीएससी परीक्षा पास कर ली थी। 

उन्होंने 26वीं रैंक हासिल की थी। हिमांशु को फैमिली इश्यूज़, भाषा, बजट, सही गाइडेंस की कमी जैसी कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा था।

हिमांशु नागपाल ने सहारनपुर से अपनी सरकारी नौकरी की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्हें जौनपुर और कानपुर में पोस्टिंग मिली थी। फिलहाल वह वाराणसी में CDO Varanasi के पद पर कार्यरत हैं। 

हिमांशु नागपाल का व्यवहार कितना शानदार है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जाता है कि हर शहर की लोकल जनता ने उन्हें सिर आंखों पर रखा और अपने सम्मान व प्रेम से अभिभूत कर दिया।