Success Story: 10वीं में हुए थे फेल, आज है UPSC टॉपर, जानें IPS अकाश का सक्‍सेस मंत्र

कई बार ऐसा होता है कि 10वीं और 12वीं में हम अच्छे मार्कस स्कोर नही कर पाते। ऐसे में हमम अपनी हिम्मत हार जातें है और घरवालों के ताने भई सुनने पढ़ते है कि इससे कुछ नही होगा। इसका पढ़ना व्यर्थ है , लेकिन IPS Akash Kulhari नें 10वीं में स्कूल से बाहर निकाल दिए जानें पर अपने जीवन में कुछ बढ़ा करने का ठान लिया 
 
ips akash kulhari

Newz Fast, Success Story: Union Public Service Commission की जो परिक्षा है वो सबसे मुस्किल परिक्षा मानी जाती है। इस परिक्षा को पास कर पाना सबके लिए आसान नही होता।

कुछ लोग ऐसे होते है जो इस परिक्षा में एक बार फेल होने के बाद अपनी हिम्मत हार जाते है और इस की तैयारी करना छोड़ देते है, लेकिन कुछ लोग अपनी कड़ी मेहनत से एक बार फेल होने पर भी परिक्षा में दोबारा हिस्सा लेते है

और आखिर में जीत हासिल कर ही लेते है। ऐसी ही कहानी है  IPS Akash Kulhari की जिन्होने 10 वीं में फेल हो जाने पर भी हार नही मानी और आखिर में युपीएससी की परिक्षा को क्लीटर कर आईपीएस बन गए।

अकाश के 10वीं के रिजल्ट के आने के बाद आकाश के स्कूल से बाहर तक निकाल दिया गया था लेकिन आज वे सबके लिए एक मिसाल बन चुके है। 

जब निकाल दिया स्‍कूल से 

आकाश कुलहरि ने एक इंटरव्यू में बताया था कि मेरा 10वीं का रिजल्ट आने के बाद मुझे स्कूल से निकाल दिया गया था, लेकिन फिर मेरा आत्मविश्वास जगा और मैंने कड़ी मेहनत की,

उसी वजह से आज यहां तक पहुंचा। हां, ये बात सही है कि कभी हार न मानने का स्वभाव मुझमें था उसी वजह से आज मैं टॉप पर पहुंचा।

फर्स्ट अटेम्प्ट में सक्‍सेस 

आकाश ने जेएनयू में पढ़ाई के दौरान ही सिविल सर्विसेज की तैयारी शुरू कर दी थी और उन्होंने साल 2005 में एम।फिल भी किया। किसी जमाने में क्‍लास से बाहर कर दिए जाने वाले आकाश ने पहले ही प्रयास में सिविल सर्विसेज की परीक्षा पास कर ली।

उन्‍हें ये सफलता 2006 में मिली थी। वे बताते हैं कि उनका ध्‍यान शुरुआत से ही खेलकूद में ज्यादा था।वो बताते हैं कि ग्रेजुएट होने तक उन्‍होंने अपना कोई करियर प्‍लान भी नहीं किया था, इसके बाद उन्होंने लक्ष्य तय किया और सफलता हासिल की।

राजस्‍थान के बिकानेर से है आकाश   

आकाश कुलहरि राजस्थान के बीकानेर जिले के रहने वाले है। उनकी पढ़ाई बीकानेर शहर के सीबीएसई बोर्ड के बीकानेर स्कूल से शुरू हुई थी।

उन्‍होंने 10वीं कक्षा 57 प्रतिशत नंबरों के साथ पास की थी। उसी समय उन्‍हें कम नंबर आने की वजह से स्कूल से निकाल दिया था। इसके बाद बड़ी मुश्किल से परिवार वालों ने उनका एडमिशन केंद्रीय विद्यालय बीकानेर में करवाया।

वहां से उन्‍होंने इंटरमीडिएट परीक्षा 85 प्रतिशत के साथ पास की फिर उन्होंने दुग्गल कॉलेज में एडमिशन ले लिया। यहां से उन्होंने बीकॉम किया। उसके बाद आकाश ने जेएनयू दिल्ली से स्कूल ऑफ सोशल साइंस विषय से एमकॉम किया।