IAS Success Story: कैब में करती थी UPSC की तैयारी, परिक्षा में हासिल की 28वीं रैंक

काजल अपने कुछ निजी कारणों की वजह से अपनी नौकरी नही छोड़ सकती थी। उनके पास समय का बहुत अभाव था इसलिए वे जब अपे काम पर जा रही  होती थी तब रस्ते  में ही कैब में ही पढ़ाई कर लिया करती थी।
 
ias kajal jalwa

Newz Fast, Success Story: UPSC की परिक्षा सबसे मुश्किल परिक्षाओं में से एक मानी जाती है। इसे पास करना बिल्कुल भी आसान नही होता।

कई बार तो इसे पास करने के लिए सालों की मेहनत तक लग जाती है। ऐसे ही हरियाणा की शामली में रहने वाली काजल जावला ने भी अपनी मेहनत से UPSCकी परिक्षा को पास कर दिखाया हालांकि इसके लिए उन्हे कई बार मेहनत भी करनी पड़ी।

ये सफलता भी उन्हे आसानी से नही मिली इसके लिए उन्हे कई प्रयास करने पड़े। काजल ने एक इंटरव्यू में बताया कि आमतौर पर महिलाएं शादी को एक प्रकार की रुकावट मानती हैं और शादी के समय ही यह तय कर लेती हैं 

कि इसके साथ कुछ भी अचीव कर पाना संभव नहीं, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया, उन्होंने शादी को कभी बोझ नहीं माना और इसमें उनके पति कि अहम भूमिका रही।

उनके पति आशीष मलिक जो कि खुद इंडिया की अमेरिकन एम्बेसी में काम करते हैं, उन्होंने हमेशा उनका सहयोग किया। काजल ने अपने टाइम मैनेजमेंट के बारे में बताया कि उनका घर नोएडा में था और नौकरी गुड़गांव में।

ऐसे में काफी समय आने-जाने में लग जाता था। काजल विप्रो कंपनी की अपनी नौकरी भी नहीं छोड़ सकती थी। ऐसे में वह कैब से आते-जाते समय रास्ते में पढ़ाई करती थीं।

करीब तीन घंटे का समय उन्हें इसमें मिलता था। इस समय में वे बेसिकली वह सब्जेक्ट चुनती थीं, जिसमें बहुत फोकस नहीं चाहिए। जैसे करंट अफेयर्स के लिए न्यूज पेपर और मैगजीन पढ़ने का काम वह इस समय करती थीं।

घर आने के बाद उनके पास पढ़ने के लिये एक-डेढ़ घंटे से ज्यादा का समय नहीं बचता था पर इस टाइम पर वे पूरे फोकस से पढ़ती थीं। इसके साथ ही वीकेंड्स पर अपना पूरा समय पढ़ाई पर लगाती थीं।

काजल जो असल जीवन में अपने पिता और बाहरी जीवन में डॉ। एपीजे अब्दुल कलाम को अपना आदर्श मानती हैं, ने यह सफलता आसानी से नहीं पाई। इसके लिये उन्होंने कई अटेम्पट दिए। 

हालांकि अपने शुरुआती अटेम्पट के बारे में काजल कहती हैं कि उस समय उनकी तैयारी का लेवल वह नहीं था जो इस कठिन परीक्षा के लिए जरूरी है।

परीक्षा पास न कर पाने के कारण वह खुद की अधूरी तैयारी को ही मानती हैं। वे मानती हैं कि कमी उनके अंदर थी। पर अपने पति और परिवार के मोटिवेशन से उन्होंने हर बार पुरानी असफलता को भुलाकर नए सिरे से तैयारी की और फाइनली 2018 में 28वीं रैंक के साथ सफलता पा ली।