IAS: BHEL की नौकरी छोड़ बनी IAS, ऐसे कवर किया अपना Syllabus

मध्य प्रदेश की रहने वाली जागृति ने अपने IAS बनने के सपने को पूरा करने के लिए अपनी BHEL की नौकरी को छोड़ दिया। अपने इस सपने को पूरा करने में उनकी मां ने उनकी मदद की थी।  
 
IAS JAGREETI AWASTHI

Newz Fast, Success Story: जागृति अवस्थी मध्यप्रदे की रहने वाली है। जागृति ने अपना सपना पूरा करने के लिए बहुत मेहनत की। इसमें उनकी मां भी उनका साथ देती थी।

जागृति ने भोपाल के मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MANIT) से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की और उसके बाद जागृति BHEL में नौकरी करने लगी पर फिर जागृति ने IAS बनने का सोचा और उसके लिए उन्होने अपनी नौकरी भी छोड़ दी।  

जागृति ने जब पहली बार यूपीएससी की परीक्षा दी तो उनकी स्ट्रैटजी काम नहीं आई। वे प्री भी पास नहीं कर सकीं। रिजल्ट आने के बाद निराश होने की बजाय उन्होंने दूसरी स्ट्रैटजी और अधिक मेहनत पर फोकस किया।

जिसका नतीजा उन्हें दूसरी प्रयास में दिखा। जागृति इस एग्जाम को क्वालिफाई करने के लिए हर दिन 12 से 14 की पढ़ाई करती थीं। उन्होंने वीक सेक्शन पर फोकस किया और ज्यादा से ज्यादा सिलेबस को कवर करने का प्लान बनाया।

परीक्षा पास आने पर उन्होंने अपनी पढ़ाई के घंटें को और बढ़ाया और बाकी चीजों से ध्यान हटाकर मॉक टेस्ट और रिवीजन पर फोकस किया।

जागृति अवस्थी ने दिल्ली की एक कोचिंग से तैयारी भी शुरू की लेकिन लॉकडाउन की वजह से उन्हें अपने घर भोपाल वापस आना पड़ा। उनकी फैमिली में माता-पिता के अलावा एक भाई भी है।

जागृति के पिता एससी अवस्थी होमियोपैथ के डॉक्टर हैं और मां स्कूल टीचर थीं। बेटी के सपने पूरे हो सके, इसके लिए मां ने जॉब छोड़ दी और बेटी की तैयारी में मदद की।

जब तक जागृति की पढ़ाई चलती रही, घर में न टीवी चलते थे और ना ही कुछ और। पैरेंट्स ने बेटी का हौसला बढ़ाया और हर कदम पर साथ दिया।

इधर जागृति भी अपनी स्ट्रैटजी के अनुसार पढ़ाई कर रही थीं। इसका नतीजा रहा कि जब दूसरे प्रयास में एग्जाम में शामिल हुईं तो टॉपर बनकर निकलीं। उनकी ऑल इंडिया रैंक 2 थी।